शिक्षा बच्चों की शिक्षा

*राष्ट्रीय गान तथा राष्ट्रीय गीत के महत्व से बच्चों को कराया गया रूबरू - डॉ लाल बहादुर गंगवार*

by admin on | 2025-11-08 12:19:42

Views: 33


*राष्ट्रीय गान तथा राष्ट्रीय गीत के महत्व से बच्चों को कराया गया रूबरू - डॉ लाल बहादुर गंगवार*

पब्लिक वॉयर बरेली/चरण सिंह। कंपोजिट विद्यालय जोगीठेर के परिसर में विद्यालय के प्रधानाध्यापक एवं राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक डॉ लाल बहादुर गंगवार द्वारा शनिवार सुबह प्रार्थना सभा के दौरान राष्ट्रीय गान, जन गण मन के बारे में विस्तार से उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं को बताया गया। इस दौरान अपने प्रधानाध्यापक द्वारा राष्ट्रगान को भली भांति समझने का सभी छात्र-छात्राओं द्वारा प्रयास किया गया। प्रधानाध्यापक लाल बहादुर द्वारा बताया गया कि यह राष्ट्रगान गुरुदेव रविंद्र नाथ टैगोर द्वारा रचित गीतांजलि से लिया गया है इसके गाने की अवधि 52 सेकंड होती है, संक्षिप्त में इसको 20 सेकंड में भी गाया जा सकता है। इसको 24 जनवरी 1950 में लागू किया गया था, सबसे पहले रविंद्र नाथ टैगोर ने मद्रास (मौजूदा समय में चेन्नई) में 1911 में इसको लिखा था जो मूल रूप से बंगाली भाषा में लिखा गया था, लेकिन यह सर्वाधिक हिंदी तथा अंग्रेजी में प्रचलित है। इसको गाते समय देश के सम्मान के रूप में खड़े होकर गाना चाहिए, जो भी देशवासी इसका अपमान करता है उसको देशद्रोही के रूप में देखा जाता है। इसी प्रकार विद्यालय में अवकाश के समय वंदे मातरम के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। प्रधानाध्यापक डॉ लाल बहादुर गंगवार ने बताया कि राष्ट्रीय गीत के रूप में वंदे मातरम को मान्यता मिली है, यह बंकिम चंद्र चटर्जी ने लिखा था, यह रचना आनंदमठ से ली गई है। वंदे मातरम को भारत माता के सम्मान के रूप में लिखा गया है। यह मूल रूप से बंगाली भाषा में लिखा गया था, इसमें वंदे मातरम के लिए भारत माता को नमन किया गया है। इस वर्ष डेढ़ सौ शताब्दी मनाई जा रही है, उन्होंने छात्र-छात्राओं को इसका शाब्दिक अर्थ भी बताया। उक्त कार्यक्रम में प्रमुख रूप से दीपा गुप्ता, रेनू गंगवार, गौरव गंगवार, गीता यादव, रुचि दिवाकर, रिम्पल सिंह, कृष्ण स्वाती, मोहन सिंह, सुधांशु कुमार, नीलम सक्सेना, बेबी तबस्सुम, पंडित अनिल कुमार शर्मा उपस्थित रहे।

Search
Recent News
Top Trending
Most Popular

Leave a Comment